Saturday, July 25, 2009

सपना और सच का सामना

कल रात सपने में सीरियल 'सच का सामना ’ देखा। मुख्य अतिथि यानी प्रतियोगी की सीट पर पति महाशय बैठे हुए थे, सामने सीरियल के प्रस्तोता बैठे थे और परिजनों की सीट पर हम विराजमान थे। प्रश्न पूछने वाला अभी आरंभिक प्रश्नों की गोलियां दाग रहा था और हम मन ही मन में सीरियस यानी उन अंतरंग प्रश्नों की सूची बना रहे थे जिनके जवाब हर पत्नी जानना चाहती है लेकिन जान नहीं पाती। लेकिन हम आश्वस्त थे कि हमारे पति पत्नीव्रता हैं और वे हमारा विश्वास नहीं तोड़ सकते।
पहला प्रश्न : क्या आपने अपनी किसी स्कूल टीचर को लाइन मारी है?
पति : जी बिलकुल हां, एक नहीं चार चार टीचरें ऐसी थी जो हमारे दिल में हलचल पैदा किया करती थी।

हाय राम !!!!!!! तुम पैदाइशी ऐसे ही हो क्या...हम दर्शक दीर्धा में बैठे ही फट पड़े थे। तुम तो कहा करते थे कि हम टीचरों को बड़ा सम्मान देते रहे हैं। अब पता चला कि तुम सारे दिन क्लास में क्या करते होंगे। घर चलो, हम बताएंगे तुम्हे कि पढ़ाई क्या होती है।

खैर....
दूसरा प्रश्न : क्या आपने अपनी बहन की किसी सहेली को किस किया है?

उत्तर : जी हां, एक नहीं तीन तीन सहेलियों को किस किया है। सच इतनी स्मार्ट थी कि हम कृष्ण कन्हैया बना रहता था और वो किसी न किसी बहाने मुझे छेड़ती रहती थी।

हे भगवान, तुम तो चरित्तरहीन से भी गए गुजरे निकले, बहन की सहेली बहन होती है और तुमनें उन्हें भी नहीं छोड़ा, घर चलो, हम सिखाएंगे तुम्हे कि दोस्ती किसे कहते हैं।

तीसरा प्रश्न : क्या आप ऑफिस की किसी सहयोगी पर मोहित हुए हैं?

पति उछलकर : आपको कैसे पता, ये बातें तो बस ऑफिस के लोग ही जानते हैं। लगभग सभी सहयोगी मेरी अंतरंग मित्र है। मैं सभी का चहेता हूं और सभी मेरी चहेती। उनके बिना ऑफिस का समय ही नहीं गुजरता। काम के बहाने मीठी और चुटीली बातें करना मुझे अच्छा लगता है।

ओह ! अब तो हद हो गई, मां-बाबा ने क्या सोचकर मेरे लिए तुम्हें पसंद किया। इतना चरित्रहीन तो मैंने आज तक नहीं देखा। हे ईश्वर अब उठा ले मुझको। तुम घर चलो....तुम्हारे परिवारवालों को सामने बिठाकर ये बातें बताउंगी।

एक और प्रश्न : क्या आप अभी भी अपनी किसी पूर्व प्रेमिका के संपर्क में हैं?

पति : जी हां, पर एक हो तो बताऊं, हर रोज एक से मुलाकात और बात होती है। अब इन सभी की आदत सी हो गई है। दरअसल चेंज मुझको पसंद है।

हम गुस्से से लाल पीले हुए जा रहे थे। घर चलो, आज से तुम्हारा घर से निकलना बंद। प्लीज बंद कीजिए ये सवाल जवाब, मैं और नहीं सुन सकती।

अंतिम प्रश्न : क्या आपका पत्नी के अलावा , उनकी जानकारी से बाहर किसी से अंतरंग (आंख मारते हुए) संबंध है।

पति : जी...याद करने दीजिए...हममममम. दो प्रेमिकाओं से है।

प्रस्तोता : वाह वाह..सभी सवालों के जवाब आपने सच बताए हैं। मशीन एक भी झूठ नहीं पकड़ पाई। मैं आपको एक करोड़ जीतने की बधाई देता हूं और साथ में यह चैक भी। ....तालियां.......तालियां .....तालियां।

इधर हम जार जार रो रहे हैं और उधर पतिदेव को एक करोड़ का चैक लिए हमारे पास दौड़े चले आ रहे हैं।

इसके पहले कि हम उन्हें धक्का दें...वो कान में फुसफुसाए....नाराज मत हो मेरी जान....लो एक करोड़ का चैक और मजे करो...

हम उनकी बेहयाई पर अचंभित थे....कुछ कहने से पहले ही वो हमे अपनी और प्रस्तोता की सीटों के पीछे ले गए। वहां का नजारा देख कर हम हक्के बक्के थे।...........................पालिग्राफिक मशीन का तार पतिदेव की बजाय प्रस्तोता की सीट पर लगा हुआ था।

9 comments:

रंजन said...

क्या अंत है.. वाह से सच!!

पी.सी.गोदियाल said...

निसंदेह, ख्वाब बड़ा उम्दा देखा आपने, इतना सुन्दर सपना देखने के लिए बधाई !!

M VERMA said...

बहुत सुन्दर परिकल्पना -- अच्छी प्रस्तुति

Udan Tashtari said...

हा हा!!

तो फिर काहे सच कबूले जा रहे थे महाराज..१ करोड़ के झूठ बोलकर आपको भी खुश कर देते. :)

आप तो इन सब चक्करों में नही पड़ो और जमकर खबर लेना शुरु करो और आज से उनका घर से निकलना बंद और खाने में रोटी, दाल का पानी और लौकी..बस्स!! कभी कभी तुरई..कह देना चेंज बहुत पसंद है न..इसलिए आज लौकी के बदले तुरई खाओ. :)

संगीता पुरी said...

बढिया रहा !!

dr. ashok priyaranjan said...

wah

बहुत अच्छा लिखा है आपने-

http://www.ashokvichar.blogspot.com

अनिल कान्त : said...

पूरी खबर लेना उनकी :)

रंजना [रंजू भाटिया] said...

:) सपने का सच बता दिया आपने तो .:) कल्पना बहुत शानदार की है ..वैसे समीर जी की बातो को अजमा लेना एक बार :)शायद अपने पर्सनल तजुर्बे से यह टोटका दिया है उन्होंने :)

प्रकाश गोविन्द said...

bahut hi rochak aur saarthak sapna dekha aapne.

is bahane aapne prograam par bhi kayi prashn khade kiye hain

badhayi