Friday, January 23, 2009

ब्लॉग जगत पर हमारी वापसी

काफी दिन बाद ब्लॉग लिखने की हिम्मत जुटाई है। दरअसल आंखों का सी-लेजिक आपरेशन कराया था तो डॉक्टर ने कंप्यूटर से दूर रहने के लिए कहा था। इसीलिए कुछ लिख नहीं पाए थे। १३ किलो के आलू के बाद आज कुछ लिखने की हिम्मत जुटा पाए तो सोचा अपने ऑपरेशन की जानकारी देते चले। वैसे हमारा आपरेशन तो काफी पहले हो गया था लेकिन कुछ दिन के परहेज के लिए डॉक्टर सलाह देते हैं, इसलिए बिलागिंग से दूर ही रहे। अब आंखें ठीक हैं और हम बिना चश्मे या लैंस के सब कुछ साफ साफ देख पा रहे हैं।

वैसे इतने दिनों में काफी सारा पानी यमुना में गुजर गया राजू का असत्य, शेयर मार्केट की धड़ाम, स्लमडॉग मिलयेनेयर और जाने क्या क्या। पेट्रोल के दामों पर तनातनी और अफवाहों का बाजार चल रहा है। सच कहें, अगर दस रुपए सस्ता हो गया तो हम पक्का कांग्रेस को वोट दे बैठेंगे।

कुछ दिन तो समाचारों से भी दूर रहे, लगा जैसे जिंदगी बोर बोर सी है। पहले ऑफिस जाते थे तो दिल कहता था, काश कई दिन की छुट्टी मिले तो जी भर कर सोएंगे। अब कई दिन घर पर रहे तो दिल ऑफिस जाने के लिए करता रहा। अच्छा लग रहा है, लिखना भी और दूसरों को पढऩा भी।

सच कहें तो समीर भाई, अनुराग जी, आदित्य रंजन, रचना और फुरसतिया को बहुत मिस किया। सबसे पहले लपूझन्ना देखा और फिर इन्हीं लोगों के ब्लॉग पड़ डाले। बाकियों को फुरसत में पढ़ेंगे।

दिल्ली के चौधरी आई सैंटर में आपरेशन हुआ और ऑपरेशन में २५ हजार रुपए खर्च हुए। वैसे ऑपरेशन महज दो मिनट का होता है और थोड़ा सा दर्द भी होता है लेकिन सर्जरी जैसी कोई चीज नहीं होती। उसके बाद कुछ दिन का परहेज रखना होता है जैसे पानी नहीं लगाना, रोना नहीं, खाना नहीं बना सक ते। वैसे तो आपरेशन के तुरंत बाद ही साफ दिखना आरंभ हो गया था लेकिन एक जनवरी की सुबह बिना लैंस लगाए घड़ी देखी तो बड़ा सकून मिला। अब कंप्यूटर पर भी काम कर रहे हैं तो दिक्कत नहीं है।

आज इतना ही....बाकी बाद में

11 comments:

विनय said...

शुभागमन

---आपका हार्दिक स्वागत है
गुलाबी कोंपलें

रंजना [रंजू भाटिया] said...

तभी नही दिख रही थी ..चलो सब ठीक हो गया ..जान कर खुशी हुई ..अब खूब लिखो और पढो :) ब्लॉग ....:)

Udan Tashtari said...

वही हम सोच रहे थे कि आखिर कहाँ गायब हो गई. चलो, यह बहुत अच्छा रहा कि अब बिना चश्में सब साफ साफ नजर आ रहा है.

भांजे जी कैसे हैं?

अभी भी कुछ दिन परहेज कर लो..कम ही लिखो पढ़ों. तबीयत पहले है.

शुभकामनाऐं.

mehek said...

operation success ke liye bahut badhai,abhilaasha hai aap hamesha muskuraiye.

डॉ .अनुराग said...

आमद सुखद है !अपना ध्यान रखे .ब्लॉग तो आनी- जानी चीज है

संगीता पुरी said...

पुनर्वापसी पर बहुत बहुत स्‍वागत है....आपके लेखों का इंतजार रहेगा।

मोहन वशिष्‍ठ said...

विनीता जी अपनी सेहत का खास ख्‍याल रखो हम सबकी शुभकामनाएं अब आप लिखो और खूब लिखो

आपका हार्दिक स्‍वागत है

अनिल कान्त : said...

अपनी सेहत का ख्याल रखें ....हमारी शुभकामनायें

अनिल कान्त
मेरा अपना जहान

राज भाटिय़ा said...

शुभकामनाये, चलिये अब खुब लिखे, आप के अगले लेख का इन्तजार, इस ओप्रेशन के बारे भी थोडा खुल कर लिखे...
धन्यवाद

अनूप शुक्ल said...

वापसी पर स्वागत है। आंखों का ख्याल रखें। शुभकामनायें। खूब लिखें।

रंजन said...

स्वागत.. शुभकामनाऐं आपके लिए..