Monday, October 6, 2008

सुधर जाओ अमर सिंह

सुधर जाओ अमर सिंह
बाटला हॉउस मुठभेड़ पर अमर सिंह की तजा टिप्पणी उनकी वोट बेंक की राजनीती का हिस्सा भर हो सकता है लेकिन उनके बयान शहीद एम् सी शर्मा के परिवार और हिंदुस्तानिओं के दिलों पर कितना बुरा असर दाल रहे हैं ये वो नही जानते. सुर्खिओं में रहने के ये शिगूफे अमर सिंह बखूबी जानते है और यही कारण हैं कि लोग उन्हें राजनीति का दलाल कहते है. लोग सही कह रहे है. एक तरफ़ शहीद का अपमान और दूसरी तरफ़ आतंकिओं को होनहार स्टुडेंट (क्या छात्र आतंकवादी नहीं हो सकते) कहना छिछोरेपन की हद है. कभी सोनिया गांधी को लेला कहने वाला ये आदमी कुछ दिन पहले सोनिया के गुन गा रहा था . क्या दोगला इंसान है और कोई कैसे इसे झेलता होगा. हर विवाद में अपनी नाक घुसेड़ने वाला ये आदमी ओछेपन की मिसाल है. केवल एक समुदाय के सहानभूति वोट पाने के लिए ये आदमी किस किस का अपमान करेगा. शहीद का, धमाकों में मारे गये मासूमो का, उनके परिजनों का और उन जवानो का जो देश से आतकवाद को हटाने के लिए जा जान से जुटे है.


पैसे के बल पर सांसदों कि खरीद फरोख्त हो या, रिश्वत काण्ड. कोई भी मसला हो ये सबके विपरीत केवल अपनी पार्टी के स्वार्थ के लिए कुछ भी उल जलूल बोलता दिख जायेगा. हीरोइनों से फ़ोन पर गन्दी बातें करने की इसके बात खुली तो इसे दाव खेला कि मेरे फ़ोन टेप किए जा रहे है. तब कांग्रेस इसको अपनी जान की सबसे बड़ी दुश्मन नजर आ रही थी. आज कांग्रेस को ये सबसे अच्छी पार्टी मान रहे है. कांग्रेस को बचाने के लिए इन्होने ही वामपन्थिओं को धोखा देकर संसद में कांग्रेस का हाथ पकड़ा. राजनीति में इनके घटियापन की मिसाल दी जाती हैं दुर्भाग्य है कि आज देश आतकवाद के साथ साथ अपनी ही राजनीति से लड़ रहा है. वो राज्नीतो जो अमर सिंह जैसे चिछोरो के चलते स्तरहीन हो गयी है.


क्या केवल वोट के लिए और सत्ता में बने रहने के लिए ये आदमी शहीद का अपमान कर रहा है. घटिया बातें बोलकर कोई महान या लोकप्रिय नही बनता अमर सिंह जी. जनता के देश के हित में काम कीजिये. तो पूरा देश आपको सर आंखों पर बिठाएगा. अभी भी वक्त है कि सुधर जाओ वरना कोई देशभक्त किसी दिन आपको सही रास्ता जरूर दिखा देगा.

नोट - ऐसा लिखने के पीछे कोई ख़ास मंशा नही थी. बस आज अमर सिंह की टिपण्णी सुन कर बहुत गुस्सा आया. सम्भव हैं कि आपको भी आया होगा. मेरे लेखन से किसी की भावनाएं आहत हुई हो तो क्षमाप्रार्थी हूँ.

6 comments:

Deepak Bhanre said...

सही कहा आपने , ऐसे घटिया बातें सुनकर ताओ किसी भी देश वासी को गुस्सा आएगा . जवानों की शहादत का ये राजनैतिक लोग कैसे मजाक उड़ रहे हैं बड़ा ही दुखद और खेदजनक हैं . अब ऐसा है की चुनाव का समय आ गया है और अपनी पार्टी की लुटिया डूबती दिख रही है ताओ क्या करें खिसियानी बिल्ली खम्बा नोचे .

COMMON MAN said...

vineeta ji, bilkul theek kah rahi hain aap, is desh ko videshion se khatra nahin hai balki inhi jaise logon se hai

COMMON MAN said...

oopar se dikkat yah hai ki in logon ko bhi support mil jaati hai.

डॉ .अनुराग said...

मूर्ख थे शर्मा ,जो इस देश पर शहीद हुए ,रिश्वत लेते ,ऐ.सी गाड़ी में घुमते ओर अपने बच्चो को डोनेशन देकर अच्छे कालेजो में भेजते ....
लेकिन उन्हें शहीद होने का शौक था वो भी ऐसे देश में जहाँ शाहदत पर सवाल वो उठाते है जिनका अपना कोई चरित्र नही है .तो क्या कल इस देश में भगत सिंह को सिख ,बोस को बंगाली का अश्फुल्लाह खान को मुसलमान बाँट लेगे ?क्या गांधी ओर आजाद पूरे देश के शहीद नही थे ?
क्या वास्तव में इस देश में नैतिक तौर पर इतना दिवालिया - पन आ गया है? क्या कारण है कि एक हम इतने असवेदंशील हो गये है ?क्या इस देश में अब राज ठाकरे ,अमर सिंह जैसे लोग कुछ भी बोलेगे ओर हम अनसुना कर देगे ?क्या अपने देश से प्यार भी अब अपराध है ?क्या अब लगता है आपको कोई पुलिस वाला हम आपके लिए लड़ने को तैयार होगा ?कम से कम ईमानदार लोगो को तो इस देश में चैन से मरने दो अगर जीने नही दे सकते !


मै शर्मसार हूँ की मै इस देश में पैदा हुआ जहाँ शहीदों की वक़्त नही है ....

श्रीकांत पाराशर said...

Kutte ki poonchh ko pipe men dal kar seedhi karne ki koshish ke saman hai amarsingh ke sudharne ki baat karna. shahid mohanchandra sharma ki patni ne jo amarsingh ke gaal par jo karara tamacha mara hai wah kafi hai. vaise jo besharm hote hain unpar kisi bhi baat ka asar nahin hota. amar singh besharmon ke baap hain.

Udan Tashtari said...

बिल्कुल सही दिया इनको!!